भांजे से शादी में पहली चुदाई | Desi Chudai Ki Kahani | Hindi Sexy Story | Bhai Behen Chudai | Kamvasana Story | फ्री सेक्स कहानी
नमस्ते दोस्तों, कैसी चल रही है आपकी शाम? सोचो तो, एक शादी जो ज़िंदगी बदल दे! जैसा कि आप सब जानते हैं, मैं रोज़ एक नई desi kahani लेकर आती हूं, जिसमें चुदाई की ऐसी मस्त कहानियां होती हैं जो आपकी रगों में आग लगा दें। आज की hindi sexy story है – जब मैं अपने भांजे से शादी में चुद गई। दोस्तों, मैं शुरू से ही टॉप की स्टूडेंट रही हूं – स्कूल में प्रिंसिपल की फेवरेट, कॉलेज में टॉपर। लेकिन एक रात ने मेरी पूरी ज़िंदगी उलट-पुलट कर दी। वो मासूम प्रिया अब चुदाई की भूखी हो गई।
शादी का न्योता और सफर
बात 2024 की है, जब लॉकडाउन खत्म हो चुका था और लोग बेफिक्र घूम रहे थे। हमें गांव में चचेरे भाई की शादी का कार्ड आया – वो पुरानी हवेली जहां बचपन में मैं छुपन-छुपाई खेलती थी, आम के बाग में झूले झूलती। हवेली के आंगन में बारात का प्लान था। पूरा परिवार जाने वाला था, लेकिन आखिरी मौके पर मम्मी को तेज़ बुखार चढ़ गया, डॉक्टर ने बेड रेस्ट कहा। भाई का एग्ज़ाम क्लैश हो गया। पापा ने कहा, “प्रिया, तू मेरे साथ चल, मज़ा आएगा।” ट्रेन से 4 घंटे का सफर – खिड़की से खेत उड़ते, दिल में एक्साइटमेंट। मेरा नाम प्रिया है, उम्र 22 साल, फिगर 34-28-36 वाला स्लिम बॉडी, लंबे काले बाल, गुलाबी होंठ, गांव की सादगी लेकिन सिटी गर्ल स्वैग। वो शादी मेरी ज़िंदगी की सबसे वाइल्ड रात बनी।
शादी में एंट्री और सरप्राइज़
शादी में पहुंचते ही हवेली जगमगा रही थी – झूमरों की लाइट्स, ढोल-नगाड़े, महिलाओं के गीत। पापा अपने पुराने यारों के साथ मस्ती में लग गए – शराब की बातें, पुरानी यादें। “अरे भाई, तू तो जवां हो गया!” हंसी गूंज रही। मैं अकेली घूमने लगी, मंडप के आसपास। हवा में खाने की खुशबू – समोसे, पकौड़े, मसाला चाय। लेकिन किस्मत का खेल देखिए – वहां मेरी मामी और उनका बेटा विक्की भी मिल गया! हमें पता ही नहीं था कि उन्हें भी न्योता है। विक्की को देखकर दिल धक्-धक् करने लगा। बचपन का वो नन्हा भांजा, जो मेरी चोटी खींचता था, आज लंबा 6 फुट का शेर – हैंडसम, जिम बॉडी, काले घुंघराले बाल, तेज़ नज़रें, उम्र 24। “प्रिया दी!” वो चिल्लाया, गले लगाया। मामी थोड़ी देर रहीं, चाय पीकर बोलीं, “बच्चो, रात भर मज़े करो, कल सुबह मिलते हैं,” फिर चली गईं। अब हम दोनों अकेले, आंखों में शरारत।
ड्रेस-अप और लड़कों की नज़रें
मैंने रेड लहंगा पहना था – सिल्क का, बॉडी को टाइट हग करता। ऊपर से डीप क्लिवेज, नीचे हाई स्लिट से सफेद टांगें झांकतीं। मेकअप लाइट – काजल, लिपस्टिक। बाल खुले। लड़के घूरते ही रह गए – “वाह बेबी!” कोई फुसफुसाया। जैसे मैं नंगी होकर घूम रही हूं। विक्की ने आते ही कहा, “प्रिया दी, कितनी हॉट लग रही हो! जैसे बॉलीवुड हीरोइन उतर आई। तेरी कमर… वाह!” मैं शरमाई, “चुप कर भांजे!” हमने खाना खाया – पनीर टिक्का, बिरयानी, गुलाब जामुन। बातें कीं – कॉलेज लाइफ, ड्रीम्स (मेरा आईएएस बनना), बॉयफ्रेंड्स। मैंने बताया, “कोई नहीं है, बस पढ़ाई। तू बता?” वो बोला, “अभी सिंगल दी, लेकिन तेरी तरह लड़की मिले तो शादी कर लूं!” हंसी उड़ी। वो अलग था, प्यार भरी नज़रों से देखता, हाथ छूता। बस, क्लिक हो गए हम दोनों। हंसी-मज़ाक में घंटा बीत गया, टाइम जैसे उड़ गया।
डांस फ्लोर की मस्ती
फिर डांस फ्लोर पर उतरे। तेज़ बीट्स बज रही थीं – ‘काला चश्मा’ से शुरू, ‘लंदन थुमकदा’, ‘चोरी चोरी’ तक। ढोल की थाप पर ठुमके लगाए। वो मुझे कमर से पकड़कर खींचता, बॉडी चिपक जाती। उसकी सांस मेरे कान पर लगती, हाथ पीठ पर फिसलते, कभी गांड पर। पसीना टपक रहा, लेकिन मज़ा। मैं भी मस्ती में उसके सीने पर हाथ फेरती, चेस्ट केस पर उंगलियां। “विक्की, तू तो नटखट है! बचपन से ही शरारती!” मैं हंसकर बोली। वो बोला, “दी, तू तो आग है! तेरी कमर पकड़कर छोड़ूंगा नहीं। देख, सब जल रहे हैं!” एक बार स्पिन देते हुए वो गिरते-गिरते बचा, मेरी कमर पकड़ ली। हम दोनों हंस पड़े। स्लो सॉन्ग आया तो क्लोज डांस – चेहरा करीब, दिल की धड़कन सुनाई दी। रात के 1 बज चुके थे। नींद आ रही थी, लेकिन बॉडी में करंट। विक्की बोला, “चल दी, सोते हैं। थक गए ना? प्रॉमिस, अच्छे से सोएंगे।”
कमरे में टेंशन और सरप्राइज़
घरवालों ने एक ही कमरे में बेडिंग सेट की थी – पुराना लकड़ी का बेड, छोटा सा, मच्छरदानी। बस हम दो। दिल डूबा – “विक्की, शेयर कैसे?” लेकिन वो बोला, “डरो मत दी, मैं हूं ना। प्रॉमिस, कुछ नहीं होगा।” कमरे में घुसते ही मैं बाथरूम गई फ्रेश होने। पुराना लॉक चेक नहीं किया – टूटा हुआ था। झुमके, चूड़ियां बाहर रखीं, लहंगा खोला। ब्रा-पैंटी उतारी, नंगी हो गई। ठंडे पानी से नहा रही थी – चूत-पीनियां गीली चमक रही, निप्पल्स सख्त हो गए सर्दी से। साबुन की लैवेंडर खुशबू फैली, आईने में खुद को देखा – बॉडी परफेक्ट। तभी विक्की अंदर आया, मुख्य दरवाज़ा बंद किया। थकान में अपना शर्ट-पैंट उतार फेंका – मस्कुलर चेस्ट, एब्स। सिर्फ इनरवियर में। बाथरूम का दरवाज़ा खोला – मैं नंगी! वो सन्न रह गया, आंखें फैलीं, लंड हिल गया। मैं चीख पड़ी, “विक्की!” उसने मेरा मुंह दबाया, बॉडी से सटा, “शशश… चुप दी! सब सो रहे हैं बाहर!” पानी हम दोनों को भिगो गया – उसके लंड का बल्ज़ मेरी जांघ से सटा, गर्मी सी महसूस हुई, उसकी सांस तेज़। लेकिन वो शरमाकर पीछे हटा, बाहर भागा। “गॉड, क्या गलती!”
माफी से रोमांस तक – रात की खामोशी
नहाकर निकली – नाइटि पहनी, गीले बाल। वो बेड पर था, शर्म से लाल, इनरवियर ठीक किया। “सॉरी दी, गलती से… दरवाज़ा खुला देखा तो सोचा खाली। तेरी बॉडी… सॉरी!” मैं हंस दी, “चल भांजे, माफ़ किया। तेरी मासूमियत देख ली। लेकिन अगली बार नोच लेगा?” मज़ाक किया। लेट गए। लाइट ऑफ। बाहर शादी की लाइटें बुझ चुकी थीं, और हवेली के आंगन में सिर्फ़ दूर से बजती ढोलक की हल्की गूंज रह गई थी। कमरे में चांदनी खिड़की से अंदर गिर रही थी—नर्म, चांदी जैसी हल्की रोशनी में विक्की का चेहरा और भी खूबसूरत लग रहा था। हम दोनों एक-दूसरे के पास इतने करीब लेटे थे कि हर सांस का कंपन महसूस हो रहा था। मेरी उंगलियाँ उसके हाथ पर थीं, और उसकी पकड़ धीरे-धीरे कसती जा रही थी—जैसे वो पल खोना नहीं चाहता हो।
“प्रिया… तुम्हें पता है?” उसने मेरी आंखों में देखते हुए कहा, “मैंने कभी सोचा नहीं था कि हम दोबारा इस तरह मिलेंगे… और तुम इतनी खूबसूरत लगोगी।” मैं शरमा गई… “तुम भी बहुत बदल गए हो, विक्की। पहले इतने संजीदे नहीं थे।” वो हल्का सा हंसा, “शायद… कुछ एहसास उम्र के साथ नहीं, किसी ख़ास इंसान के साथ जगते हैं।” उसके शब्द सीधे दिल पर लगे। हमने घंटों बातें की—वो अपने करियर की, जॉब की मेहनत, अकेलेपन की बात करता रहा। मैंने अपनी पढ़ाई, आईएएस के सपने, और उन रिश्तों की बातें बताईं जिनमें भरोसा नहीं मिला। हर बात पर उसकी आंखें नरम पड़तीं, हर पल मुझे लगता रहा कि उसकी आँखों में मैं सिर्फ़ एक लड़की नहीं… कुछ और बन चुकी थी—वो एहसास जिसकी कब से तलाश थी। उसने मेरी ठंडी उंगलियाँ थाम लीं। “तुम थक गई हो… सो जाओ।” लेकिन मेरे दिल में एक अजीब सा सुकून था—मैं अचानक थकी हुई नहीं, बल्कि हल्की महसूस करने लगी।
विक्की मेरे और करीब आया। उसने धीरे से मेरे माथे को चूमा—बिल्कुल नर्मी से, जैसे कोई बेशकीमती चीज़ संभाल रहा हो। मेरी सांस अटक गई। दिल ने एक warm धड़कन छोड़ी। उसकी उंगलियाँ मेरे गाल के किनारों पर घूम रही थीं—धीमी, शर्मीली, और फिर भी चाहत से भरी। मैंने बिना सोचे उसका हाथ पकड़ लिया। एक लंबा, गहरा सन्नाटा फैल गया—और उस सन्नाटे में दोनों की धड़कनें एक साथ चलने लगीं, जैसे कमरे में सिर्फ़ उनकी आवाज़ रह गई हो। हमारी नज़रों के बीच की दूरी कम होती गई। मेरे होंठ हल्के खुले, उसकी सांसें गर्म थीं। उसने मेरा चेहरा अपने हाथों में लिया… और एक नर्म, बहुत ही भावुक किस दिया। इस बार जल्दी नहीं—धीमे, स्थिर, गहराई से… किस ऐसा था जैसे हम दोनों ने अपनी-अपनी सारी हिचक उसी पल छोड़ दी हो। मैं उसकी गर्दन पर उंगलियाँ फेरती रही, और वो मेरी पीठ पर ऊपर से नीचे तक हल्की सी गर्माहट देता रहा। उसकी आवाज़ फुसफुसाई—“प्रिया… तुम जितनी बाहर से खूबसूरत हो, उतनी ही भीतर से भी।” मैंने आंखें बंद कर लीं। उसके हर स्पर्श में एक भरोसा था, एक सुकून था—किसी भी हद से ज़्यादा की चाहत तो थी, लेकिन जल्दबाज़ी बिल्कुल नहीं। हम दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे से लिपटकर लेट गए। उसकी बांह मेरे कंधे के नीचे थी, और मैं उसके सीने पर सिर रखे लेटी थी। वो मेरे बालों को सहलाता रहा—धीरे-धीरे। मैं उसकी धड़कनें सुनती रही—गहरी, स्थिर, और किसी तरह मेरी धड़कनों से मेल खाती हुई। बाहर कहीं कोई दूर पटाखा फूटा—शादी की आखिरी रस्में चल रही होंगी शायद। लेकिन उस छोटी सी हवेली के पुराने कमरे में… हम दोनों अपनी ही दुनिया में खोए हुए थे। मैंने फुसफुसाया—“विक्की… अगर सुबह सब बदल गया तो?” वो मेरी उंगलियों को चूमते हुए बोला—“सुबह कुछ नहीं बदलेगा… बस हम दोनों और सच्चे हो जाएंगे।” और मैं फिर उसकी बाहों में और गहरे सिमट गई। रात एक लंबी, खूबसूरत चुप्पी में बीतती रही। कभी वो मेरे बालों पर हाथ फेरता, कभी मैं उसकी शर्ट की कॉलर को हल्के से पकड़ लेती। कोई जल्दबाज़ी नहीं। कोई हद नहीं लांघी गई। बस… दो रिश्तेदार नहीं, दो adults जिन्होंने एक-दूसरे में एक अनकही मोहब्बत पा ली थी। उस रात हम सोए नहीं—बस एक-दूसरे के साथ जागते रहे।
चुदाई की आग – रोमांस से हॉटनेस
बातें गहरी होती गईं, स्पर्श बोल्ड। उसका हाथ मेरी चूची पर। मैंने कुछ नहीं कहा। अचानक होंठ चूमे गहराई से! मीठा, गहरा किस – होंठ चूसे, जीभ अंदर। मैं पिघली। किसिंग हो गई – जीभ लड़ाई, लार मिली, हाथ बालों में। उसने टॉप ऊपर किया, ब्रा हटाई, चूचियां मसलने लगा। निप्पल चूसे, काटे, “आह विक्की… मज़ा आ रहा है! हल्के, उफ्फ!”
मैंने उसकी पैंटी सरकाई – लंड मोटा, 7 इंच का, गरम, रगड़ रहा। मसलने लगी, ऊपर-नीचे, प्री-कम लगा। वो सिसकारा, “दी… तेरे हाथ जादू हैं!” सारे कपड़े उतार फेंके। मेरी नाइटि खींची, पैंटी फाड़ी। नंगी हो गई। पैर फैलाए, चूत चाटने लगा। जीभ क्लिट पर घुमाई, अंदर डाली, उंगली भी। चूस-चूस चीखी, “उफ्फ… चाटते रहो! बस मत रुकना, आह!” कमरा मेरी सिसकियों से गूंजा। फिर मेरा मुंह लंड पर – चूसा गहराई से, गेंदें सहलाईं, गला तक। वो मॉन, “दी, तू प्रो हो!” थूक लगाकर चूत गीली की। वो लेटा, मैं ऊपर – लंड चूत पर रगड़ा। “तैयार है दी?” एक झटके में अंदर! “आआह्ह्ह!” खून निकला, दर्द। चीखी, लेकिन वो रुका नहीं – धीरे स्पीड बढ़ाई। पोज़िशन बदलीं – डॉगी में गांड थपथपाई; मिशनरी में आंखों में; काउगर्ल में मैं उछली। 25 मिनट पेला – ऑर्गैज़म दो बार। आखिर में माल चूचियों-मुँह पर। हम हांफते लेटे।
उसके बाद की चुदाइयां
उस रात से चोरी-चोरी मिलते। फ्लैट पर किचन चुदाई, पार्क कार सेक्स, एनल ट्राय। हर बार रोमांस+हॉटनेस। दोस्तों, ऐसी desi bhabhi stories, brother sister sex story के लिए जुड़े रहिए। अगली क्या? कमेंट!
FAQ:भांजे से शादी में पहली चुदाई | Desi Chudai Ki Kahani
1. यह desi chudai ki kahani किसकी है?
यह कहानी प्रिया की है, जो अपने भांजे विक्की के साथ शादी की रात चुदाई का अनुभव करती है। पूरी hindi sexy story रोमांस से शुरू होकर हॉट चुदाई तक जाती है।
2. कहानी का मुख्य प्लॉट क्या है?
प्रिया और पापा शादी जाते हैं, वहां विक्की मिलता है। डांस, बाथरूम सरप्राइज़, रोमांटिक बातें और फिर पहली चुदाई – खून निकलना, पोजीशन्स और माल गिराना सब शामिल।
3. प्रिया की उम्र और फिगर क्या है?
प्रिया 22 साल की है, फिगर 34-28-36 स्लिम बॉडी। वो पढ़ाकू लड़की है जो पहली बार चुदती है।
4. विक्की कौन है और उसकी डिटेल्स?
विक्की मामी का बेटा, 24 साल, 6 फुट लंबा, जिम बॉडी, 7 इंच लंड। बचपन से प्रिया को जानता है, शादी में रोमांस करता है।
5. कहानी में रोमांटिक पार्ट कहां है?
लाइट ऑफ के बाद – चांदनी में बातें, फुसफुसाहट, माथे का चुम्बन, गहरी किसिंग और भावुक स्पर्श। ये सेंसुअल रोमांस चुदाई की आग में बदलता है।
6. चुदाई सीन में क्या-क्या होता है?
चूत चाटना, लंड चूसना, मिशनरी/डॉगी/काउगर्ल पोजीशन्स, 25 मिनट चोदना, पहली बार खून निकलना और माल चूचियों-मुँह पर।
7. कहानी कब और कहां सेट है?
2024 में गांव की पुरानी हवेली में रिश्तेदार की शादी के दौरान। लॉकडाउन खत्म होने के बाद।
8. उसके बाद प्रिया-विक्की का क्या होता है?
चोरी-चोरी मिलते हैं – फ्लैट, पार्क, कार सेक्स, एनल ट्राय। हर मुलाकात में रोमांस+चुदाई।
9. यह brother sister sex story क्यों कहलाती है?
भांजे-भांजी का रिश्ता, लेकिन adults only हॉट स्टोरी। Desi bhabhi stories जैसी taboo theme।
10. और ऐसी hindi hot sexy story कहां पढ़ें?
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