रिश्तों की दरार: एक अनकही कहानी:कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे मोड़ पर ला खड़ा करती है, जहाँ बातें कम पड़ जाती हैं और खामोशियाँ बहुत कुछ कह जाती हैं।
(First Chudai Hard Sex Kahani)
यह कहानी उन एहसासों की है, जो अंदर ही अंदर टूटते भी हैं और हमें बदल भी देते हैं।
रिश्तों के बीच की दूरी कभी-कभी एक पूरी दुनिया बदलने की ताक़त रखती है।
यह कहानी लेखक के निजी अनुभव पर आधारित है और इसे उसी संदर्भ में पढ़ा जाना चाहिए। इसमें वर्णित घटनाएँ उसकी यादों, भावनाओं और निजी परिस्थितियों से जुड़ी हैं। कहानी के भीतर की परिस्थितियाँ समय, माहौल और व्यक्तिगत मानसिकता को दर्शाती हैं। यह केवल वयस्क पाठकों के लिए उपयुक्त है, इसलिए पाठक विवेक का प्रयोग करें।
यह अनुभव एक ऐसे दौर का हिस्सा है जब लेखक भावनात्मक रूप से उलझा हुआ था और रिश्तों की जटिलताओं को समझने की कोशिश कर रहा था। कहानी में आगे बढ़ते हुए परिस्थितियाँ अचानक नई दिशा में बदलती हैं, जो उसके जीवन में गहरा असर छोड़ जाती हैं।
फर्स्ट चुदाई हार्ड सेक्स कहानी में कई साल पहले मैं मौसी के घर रहने गया था, वहां उनकी बेटी के साथ यौनाकर्षण के चलते थोड़ी किसिंग वगैरा हुई थी. जब हम दोबारा मिले तो …
दोस्तो, मेरा नाम आरव है, मैं 27 साल का हूँ, केरल से हूँ.
यह फर्स्ट चुदाई हार्ड सेक्स कहानी 2015 की है जब मैं अपनी परीक्षा के बाद छुट्टियां बिता रहा था.
तब मैं 19 साल का था.
यह अनुभव मेरे मौसेरी बहन के साथ हुआ था.
वह मुझसे उम्र में एक साल बड़ी है.
उसकी त्वचा का रंग सामान्य है और उस समय उसके स्तन औसत आकार के थे.
फिर भी मैं उन्हें अपने हाथों में लेना चाहता था.
मैं परीक्षा के नतीजों से रिलैक्स होने का इंतजार कर रहा था.
वह समय मुझे अपनी मौसेरी बहन रिया (उसका असली नाम नहीं) के साथ बिताना अच्छा लगा.
हम दोनों एक ही कमरे में सोते थे लेकिन अलग-अलग बिस्तरों में.
एक रात मैं बिस्तर पर लेट कर फेसबुक चला रहा था.
तभी अचानक से वह मेरे सामने आकर खड़ी हो गई.
उसने मुझसे पूछा — क्या मैं तुम्हारे बगल में सो सकती हूं? मुझे कुछ अच्छा महसूस नहीं हो रहा!
मैं उसके साथ सहज था क्योंकि उस समय मेरे मन में कोई गलत इरादा नहीं आया था.
कुछ समय बाद, वह मेरे फोन को देखने लगी कि मैं क्या कर रहा हूं.
करीब 10 मिनट के बाद उसने मुझसे पूछा — क्या मैं तुमसे कुछ पूछ सकती हूँ?
मैं — हां, क्यों नहीं!
रिया — क्या यह सच है कि लड़कों को सुबह हार्ड-ऑन होता है?
मैं उसकी बात सुनकर हैरान था क्योंकि हमारे बीच कभी इस तरह की बातचीत नहीं हुई थी.
मैंने उसे अजीब नजरों से देखते हुए कहा — हां, यह सच है.
रिया — अजीब नजरों से मत देखो, मैंने तुम्हें 2-3 बार हार्ड-ऑन करते देखा है.
मैं चुप था और मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं था.
रिया — चुप मत रहो, इसमें तुम कुछ नहीं कर सकते, इसलिए खुल कर जवाब दो!
मैं — हां.
रिया — अच्छा भैया, ऐसे खुले आम सवाल पूछ रही हूँ मैं तो आप मुझे बुरी मत समझना!
मैं अभी भी सिर्फ इसलिए चुप था क्योंकि मुझे नहीं पता था कि कैसे जवाब दूं या क्या प्रतिक्रिया दूं.
अचानक से मेरी बहन ने मेरी चुप्पी खत्म करने के लिए मुझे गुदगुदाना शुरू कर दिया.
धीरे-धीरे उसने मुझे हंसाया और अचानक नहीं पता कि क्या हुआ, उसने एक पल के लिए गुदगुदी बंद कर दी.
मंद प्रकाश में मैंने उसकी आंखों में देखा, उसकी आंखें मुझे कुछ कहती सी लगीं.
और उसके लबों पर एक छोटी सी मुस्कान थी.
उसका चेहरा मेरे बहुत करीब था.
धीरे-धीरे मुझे लगा कि उसकी सांसें गहरी होती जा रही हैं और मेरे चेहरे से टकरा रही हैं.
मैंने ज्यादा इंतजार नहीं किया और उस पल बस अपनी मौसेरी बहन के होंठों को चूम लिया.
वह मेरे जीवन का पहला रोमांटिक चुम्बन था.
हम दोनों इस चुम्बन को खत्म करने के लिए तैयार नहीं थे.
मैंने धीरे से उसके कूल्हों को पकड़ा और उसे अपने करीब खींच लिया.
फिर मैंने उसके बूब्स को सहलाया और उस गर्म चुंबन के दौरान उसके मम्मों को धीरे से मसला.
अचानक हमें कमरे के बाहर से शोर सुनाई दिया और हम अपने होश में आ गए.
वह अपने बिस्तर पर भागी.
मैं अभी भी सदमे में था.
उसके बाद मैं उत्तेजना के कारण सो नहीं सका.
मुझे नहीं पता कि खुद को कैसे समझाऊं.
उसके बाद हम दोनों किसी तरह सो गए.
हम दोनों सुबह ज्यादा बात नहीं कर पाए थे क्योंकि हम अभी भी शर्मिंदा थे.
उसके बाद ज्यादा कुछ नहीं हुआ.
मेरा रिजल्ट आ गया और मैं अपनी डिग्री की पढ़ाई में व्यस्त हो गया था.
मुझे अपनी मौसेरी बहन के साथ रहने का समय नहीं मिल सका.
लेकिन मैं उसके साथ व्हाट्सएप पर संपर्क में था.
लेकिन 2020 में कोरोना के समय में चीजें बदल गई थीं.
वह मेरे घर रहने के लिए आई थी.
मेरे घर में मैं, मेरे पिता और माता जी थे.
रिया शाम को आई थी, मैं उसे देखकर खुश हो गया और हम दोनों ने एक दूसरे को कस कर गले लगा लिया.
मैं महसूस कर सकता था कि उसके स्तन पहले से काफी बड़े हो गए थे.
पहले जब मैंने उन्हें अपने हाथों से पकड़ कर मसले थे, तब से अब में काफी फर्क आ गया था.
हम दोनों ने चाय पी और उसने मुझसे पूछा — क्या तुम मुझे रात में घुमाने ले जा सकते हो?
लेकिन मां ने कहा — रात में बाइक की सवारी सुरक्षित नहीं.
उन्होंने मुझे शाम की चाय के ठीक बाद घुमाने के लिए ले जाने के लिए कहा.
वह खुश थी और मैं भी.
हम दोनों ने बाइक की सवारी का मजा लेना शुरू किया.
सवारी के दौरान उसने मुझे बहुत कसकर गले से लगाया जबकि मैं थोड़ा तेज हो रहा था.
बाद में मैं उसे एक झरने के पास ले गया जो मेरे घर से 30 मिनट की दूरी पर था.
हम बाइक पर बैठे थे और इसके नजारे का आनन्द ले रहे थे.
स्वच्छंद जीवन, प्रेमी-प्रेमिका आदि के बारे में कुछ गपशप कर रहे थे.
अचानक मेरी मौसेरी बहन ने मुझसे उस रात के बारे में पूछा जब हमने किस किया था.
हम दोनों उसी के बारे में बात करने लगे.
रिया — वह मेरा पहला किस था.
मैं — मेरा तो अब तक का वही एक किस था!
रिया — क्या… तुमने उसके बाद किसी को किस नहीं किया?
मैं — नहीं, क्या तुमने?
रिया — नहीं.
अभी मैं कुछ कहता कि उसी समय मां ने मुझे फोन किया.
वे हमसे हमारे ठिकाने के बारे में पूछ रही थीं और उन्होंने हमें जल्दी घर आने के लिए कहा क्योंकि पहले ही काफी देर हो चुकी थी.
करीब साढ़े सात बजे हम दोनों घर वापस पहुंचे.
मां ने हम दोनों को नहाने के लिए कहा क्योंकि यह कोविड महामारी की शुरुआत थी.
मैं नहाने के लिए ऊपर गया और उस चुंबन वाली रात में जो हुआ था, उसके बारे में सोचते हुए हस्तमैथुन किया.
भले ही वह पहले की बात थी, लेकिन अभी भी उसे सोच कर उत्तेजना भर आई थी.
बाद में हम सबने खाना खाया और सो गए.
मेरी मौसेरी बहन ने मेरी मां से कहा कि वह मेरे साथ एक डरावनी फिल्म देखना चाहती है क्योंकि मेरे पास डरावनी फिल्मों का एक बड़ा संग्रह है.
मां ने कहा — ठीक है.
वह मेरे साथ फिल्म देखने ऊपर वाले कमरे में आ गई.
मैं उससे किसी तरह की अपेक्षा के कारण उत्साहित था.
जैसे ही हम कमरे में पहुंचे, मेरी बहन बिस्तर पर धम्म से लेट गई और उसने अपनी टांगें फैला कर एक अंगड़ाई ली.
मैं उसे कामुक भाव से देखने लगा.
उसने मुझे देख कर मुस्कान दी और मेरा लैपटॉप उठा लिया.
उसके बाद उसने मुझसे अब तक की सबसे अच्छी हॉरर फिल्म देखने के लिए कहा.
मैंने कहा — ओके, मैं वॉशरूम से वापस आता हूँ, फिर हम दोनों साथ में देखते हैं.
जब मैं वाशरूम से वापस आया तो वह मेरा लैपटॉप ब्राउज़ कर रही थी.
मैंने उससे लैपटॉप लिया और ‘द नन’ फिल्म खोली.
हम दोनों उस फिल्म को देखने लगे.
वह फिल्म में बहुत अधिक डरावनी थी और उसमें सेक्सी सीन भी थे.
मैं उसके साथ एकदम चिपका हुआ था.
लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, मेरी उम्मीदें कम होती जा रही थीं.
उसकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया ऐसी नहीं हुई थी जिससे मेरे लौड़े को कुछ खुशी मिल सके.
लगभग एक घंटा बाद उसने कहा कि उसे नींद आ रही है.
मैंने लैपटॉप एक तरफ रख दिया और बिस्तर पर लेट गया.
मैं बिस्तर पर सीधा लेटा हुआ सोच रहा था कि आगे क्या होगा.
उसी समय उसके हाथ मेरी ओर आ गए.
रिया — पास आओ और मुझे गले लगाओ ना!
मैं उसकी ओर मुड़ा और उसे धीरे से गले लगा लिया.
मैं — अब ठीक है?
रिया — नहीं.
मैंने उसे कसकर गले से लगा लिया.
मैं — अब कैसा फ़ील कर रही हो?
रिया — अच्छा फ़ील नहीं कर रही हूँ!
मैंने उसकी आंखों में आंखें डालते हुए देखा और पूछा — मैं और क्या कर सकता हूँ?
रिया — बस मुझे वैसे ही चूमो, जैसे सालों पहले तुमने मुझे चूमा था!
कहानी के आखिरी हिस्से में लेखक अपने अनुभव और भावनाओं के द्वंद्व से गुजरता है। कहानी आगे बढ़ते-बढ़ते ऐसे मोड़ पर पहुँचती है जहाँ वह अपने फैसलों और अतीत को नए नज़रिए से देखने लगता है। परिस्थितियाँ बदलती हैं, जीवन अपनी दिशा पकड़ लेता है और रिश्तों का स्वरूप भी समय के साथ बदल जाता है।
आखिर में यह अनुभव लेखक के मन में एक याद बनकर रह जाता है—कहीं अधूरी, कहीं भारी, लेकिन हमेशा उसके जीवन का हिस्सा।
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